नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- नई दिल्ली। भारत सरकार बिजली से चलने वाले वाहनों को रफ्तार देने के लिए 'गो इलेक्ट्रिक' अभियान को फिर से तेज करने की तैयारी में है। इस बार रणनीति का केंद्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बनाया जा रहा है। नीति-निर्माताओं का मानना है कि देश में दोपहिया वाहनों में पेट्रोल खपत बहुत बड़ी मात्रा में होता है। इसलिए यदि इस क्षेत्र में तेजी से बिजली का दखल होता है तो तेल आयात पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ महंगाई और प्रदूषण जैसी समस्याओं पर भी असर पड़ेगा। इसी दिशा में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने वाहन उद्योग के साथ बातचीत शुरू कर दी है और अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने की योजना बनाई जा रही है। दो तिहाई पेट्रोल दोपहिया की टंकी में जा रहाआंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में कुल पेट्रोल खपत करीब 38.8 मिलियन टन रही, जि...