औरैया, फरवरी 10 -- औरैया, संवाददाता। आनलाइन कारोबार होने से पिछले कुछ सालों में रेडीमेड कपड़े का धंधा बहुत कमजोर पड़ गया है। तीस से चालीस प्रतिशत तक व्यापार प्रभावित हो गया है। ई कॉमर्स कंपनियों के आने से छोटे क़स्बों का कारोबार चौपट होता जा रहा है। किराये की दुकान में धंधा कर रहे व्यापारियों का खर्च भी निकलना मुश्किल हो रहा है। सरकार को स्थानीय कारोबार को बढ़ाने और बाजार को बचाने के लिये ई कॉमर्स कंपनियों पर कुछ नियंत्रण करना चाहिये। शादी विवाह के दिनों में भी कभी कभी ग्राहकों का इंतजार करना पड़ता है। यही स्थिति रही तो आगे स्थितियां गंभीर हो जाएंगी। आनलाइन कारोबार को बड़े शहरों तक ही सीमित करना चाहिए। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के साथ बातचीत करते हुए रेडीमेड कपड़े का धंधा करने वाले संदीप पोरवाल , रोहित तिवारी , गोविन्द, रमेश, रित्तू अग्रवाल आद...
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