वाराणसी, अप्रैल 5 -- वाराणसी। सलीब पर लटकाए जाने के तीसरे दिन प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की घटना मसीही समाज 'ईस्टर' के रूप में मनाएगा। घरों और चर्चो में शनिवार रात से ही लोग खुशी में डूब गए। कैंडल जलाकर लोगों ने बाइबिल का पाठ किया। उन्होंने ईसा मसीह के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। रविवार को ईस्टर पर घरों और चर्चों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कैंटोमेंट स्थित सेंट मैरिज महागिरजाघर में रात साढ़े 10 बजे चर्च की सारी लाइट बंद कर दी गई। चारों ओर सन्नाटा था। हर व्यक्ति प्रार्थना कर रहा था। इस बीच, लकड़ी से आशीष (ज्योति) जलाया गया। इससे चर्च प्रकाशमान हो गया। काशी धर्मप्रांत के बिशप डा. यूजीन जोसेफ ने प्रवचन दिया। करीब तीन फीट का ईस्टर कैंडल जलाकर प्रार्थना की गई। कैंडल लेकर लोगों ने चर्च में प्रवेश किया। देर रात तक चर्चों में...
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