मुंगेर, अगस्त 5 -- जमालपुर, निज प्रतिनिधि। एशिया के सबसे पुराने रेल इंजन कारखानों में शुमार जमालपुर रेल इंजन कारखाना आधुनिक रेलवे तकनीक की दौड़ में लगातार पिछड़ता नजर आ रहा है। वर्ष 2023 में रेलवे बोर्ड द्वारा पहली बार इलेक्ट्रिक इंजन की पीरियॉडिकल ओवरहॉलिंग (पीओएच) का वर्कलोड आवंटित किए जाने के बावजूद तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी कारखाने को एक भी इलेक्ट्रिक इंजन मरम्मत के लिए नहीं मिल सका है। इससे करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य और अन्य तैयारियों का अपेक्षित लाभ अबतक नहीं मिल पाया है। जबकि रेलवे बोर्ड के तत्कालीन पारस महेंद्रीरट्टा ने 27 मार्च 2023 को भारतीय रेलवे के 17 जोनों एवं 28 वर्कशॉप को नए वर्कलोड का आवंटन किया था। तत्कालीन सीडब्लूएम एसके विजय की अगुवाई में जमालपुर स्टेशन से कारखाना परिसर तक करोड़ों रुपये की लागत से...