वाराणसी, मार्च 22 -- वाराणसी। काशी में मारवाड़ी समाज के दो सौ साल के इतिहास में पहली बार गवरजा माता, ईसर देव के साथ नगर भ्रमण पर निकलीं। गवरजा माता के दो सौ साल पुराने विग्रह के साथ ही ईसर देव का नवनिर्मित विग्रह पुष्प सज्जित रथ पर विराजमान किया गया। इसर देव का यह विग्रह गत माह बीकानेर से खासतौर पर मंगवाया गया है। गवरजा माता देवी पार्वती और ईसर देव भगवान भोलेनाथ के प्रतीक माने गए हैं। मारवाड़ी समाज के सभी उपवर्गों की मान्यता है कि चैत्र नवरात्र की तृतीया तिथि पर भगवान भोलेनाथ माता पार्वती का गौना कराकर कैलाश ले जाते हैं। इसी उपलक्ष्य में यह शोभायात्रा दशकों से निकाली जा रही है। श्रीगवरजा माता उत्सव समिति के बैनर तले निकाली गई शोभायात्रा में राजस्थान एवं हरियाणा से जुड़े मारवाड़ी समाज के विभिन्न संगठनों मारवाड़ी समाज, माहेश्वरी परिषद, राजस...
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