रांची, मार्च 29 -- रांची, वरीय संवाददाता। जीईएल चर्च कलीसिया के लिए खजूर पर्व की आराधना मेन रोड स्थित ख्रीस्त गिरजाघर में हुई। मुख्य उपदेशक बिशप सीमांत तिर्की ने कहा कि वचन बताता है कि वह परमेश्वर होने पर भी अपने आप को शून्य किया ताकि दास का रूप धारण कर सके। उसने हमारे लिए मृत्यु के रूप में क्रूस को सहा। घटना आह्वान करती है कि अपना दिल खोलकर उस राजा को स्वीकार करें, जो जीवन और शांति देने आया है। इस तरह हम अहंकारी होकर एक-दूसरे को नीचा न दिखाएं, वरन प्रभु की दीनता को अपनाकर सभी से प्रेम करें। बिशप ने कहा कि पॉम संडे उस घटना को याद दिलाता है, जिसमें यीशु मसीह यरुशलम प्रवेश करते हैं। वे घोड़े या रथ पर सवार होकर नहीं आए, बल्कि गधे पर सवार होकर यरुशलम प्रवेश करते हैं। वहां की जनता उनका स्वागत एक राजा की तरह करती है, जिसकी भविष्यवाणी जकर्याह नब...