लातेहार, अप्रैल 2 -- महुआडांड़ प्रतिनिधि। पास्का का पर्व ख्रीस्तियों के लिए तीन दिवसीय समारोह होता है। सबसे पहले खजूर रविवार से हम पवित्र सप्ताह में प्रवेश करते हैं । उसके बाद पुण्य बृहस्पतिवार के दिन हम कृतज्ञता के साथ प्रभु येसु के दु:ख भोग, मृत्यु एवं पुनरुत्थान के साथ साथ पुराने यहूदियों के पास्का त्यौहार का नए विधान के पास्का त्यौहार में परिवर्तन की याद करते हैं। ईश्वर से सबसे पहले प्रेम करो और अपने आसपास लोगों को प्रेम करो यही आज के लिए विशेष विनीत है। उक्त बातें फा दिलीप ने कहीं। इसके पूर्व पुण्य बृहस्पतिवार को महुआडांड़ माता पल्ली में विशेष विनीत पूजा कराई गई। उन्होंने बताया किनया व्यवस्थान में प्रभु येशु ख्रीस्त अपने दुखभोग,मृत्यु और पुनरुत्थान के पहले अपने शिष्यों से अंतिम विदाई लेते हैं । सबसे पहले उन्होंने अंतिम ब्यारी की, शिष...
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