संतकबीरनगर, फरवरी 12 -- पौली, हिन्दुस्तान संवाद। बाबा कंकड़ेश्वर नाथ मन्दिर परिसर में चल रहे गायत्री महायज्ञ व मानस प्रवचन में आलोकानंद जी महराज ने कहा कि ईश्वर पर अविश्वास करने वाले मानव का कल्याण सम्भव नहीं है। जो भी मनुष्य ईश्वर है या नहीं है, ऐसा विचार कर अवतारी पुरुष पर ईश्वर होने का संदेह कर अविश्वास करता है और केवल मानव मानकर उनकी अवहेलना करता है, तो उसकी बड़ी दुर्दशा होती है। कथा व्यास ने कहा की एक बार भगवान शिव माँ सती के साथ कुम्भज ऋषि के आश्रम पर श्रीराम कथा श्रवण करने गई हुई थी। मां सती ऋषि पत्नी के अवभगत उलझ गई। जो कथा चल रही थी उस कथा का श्रवण नहीं कर पाई। कुछ दिन तक कथा श्रवण के बाद भगवान शिव माँ सती के साथ कैलाश वापस लौटे। आते समय रास्ते में मानव रूप में श्रीराम के ईश्वरी लीला को देख भगवान शिव को प्रणाम करते देख सती के मन म...