लखनऊ, अप्रैल 4 -- लखनऊ, संवाददाता। राजा बाजार स्थित गीता भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शनिवार को कथा वाचक आचार्य उमेश कुमार मिश्रा ने ध्रुव चरित्र और बाल चरित्र की दिव्य कथा सुनाई। आचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सबसे उत्तम कला है। ध्रुव का चरित्र हमें सिखाता है कि अगर संकल्प मजबूत और ईश्वर पर अटूट विश्वास हो तो एक छोटा बालक भी कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। आज की युवा पीढ़ी को ध्रुव जैसे दृढ़ संकल्पी बनने की जरुरत है।लखनऊ हरिश्चंद्र वंशीय समाज महिला समिति सुहासिनी की ओर से आयोजित कथा में अधिक संख्या में श्रद्धालू पहुंच रहे हैं। आचार्य ने आगे कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। वे न तो धन दौलत से रीझते हैं, न ही बड़े-बड़े प्रपंचों से। वे तो केवल शुद्ध और निश्छल प...