हल्द्वानी, जनवरी 31 -- हल्द्वानी, संवाददाता दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से एमबी इंटर कॉलेज ग्राउंड में आयोजित भगवान शिव कथा के तीसरे दिन व्यास डॉ. सर्वेश्वर ने सती प्रसंग का भजनों व चौपाइयों के साथ व्याख्यान किया। शनिवार को कथा में बताया गया कि भगवान शिव अपनी अर्धांगिनी सती को संग लेकर अगस्त्य मुनि जी के आश्रम में प्रभु राम की पावन कथा श्रवण करने जाते हैं, परन्तु तर्कबुद्धि से प्रेरित हुईं सती कथा का मर्म ही नहीं जान पातीं। जिस कारण जब वह प्रभु श्री राम को साधारण नर-लीला करते हुए देखती हैं तो उन्हें संशय आ जाता है कि वह ईश्वर जो परब्रह्म, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, मायारहित और इच्छारहित है, वह शरीर कैसे धारण कर सकता है। उन्होंने बताया कि ईश्वर तर्क का नहीं, अपितु प्रत्यक्ष दर्शन का विषय है। समय के पूर्ण सद्गुरु द्वारा दिव्य दृष्टि...