भभुआ, जुलाई 15 -- ईश्वर को पहचानने की चाह होगी तभी मिलेगा उनका साक्षात्कार महायज्ञ में जीयर स्वामी बोले, अहंकार नहीं, श्रद्धा, समर्पण से होगी भगवान की पहचान विभीषण और हनुमान ने पहचाना प्रभु का स्वरूप, रावण जैसे बलशाली भी रह गए अज्ञान में भभुआ, नगर संवाददाता। सदर प्रखंड के परसियां गांव में चल रहे चातुर्मास महायज्ञ में बुधवार की शाम आयोजित दैनिक प्रवचन में श्रीलक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि भगवान को वही पहचान सकता है, जिसके मन में उन्हें जानने और पाने की सच्ची इच्छा हो। केवल आंखों से देखने भर से ईश्वर की पहचान नहीं होती, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और निष्काम भक्ति से उनका साक्षात्कार संभव है। यह भी पढ़ें- Bhabua News: ईश्वर को पहचानने की चाह होगी तभी मिलेगा उनका साक्षात्कारभगवान की कृपा उन्होंने कहा कि जब भगवान स्वयं कृपा कर किस...