पूर्णिया, फरवरी 22 -- बनमनखी, संवाद सूत्र। देश में आध्यात्मिकता बढ़ेगी तो लोग सदाचारी बनेंगे जब लोग सदाचारी होंगे तो कई प्रकार के दुर्गुण स्वत: दूर हो जाएंगे। जिससे देश और समाज की तरक्की का मार्ग प्रशस्त होगा। उक्त बातें बनमनखी के शिकलीगढ़ धरहरा में आयोजित 114 में संतमत सत्संग के दूसरे दिन लाखों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए निर्मलानंद जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मनुष्य को चोरी, नशा, हिंसा, व्यभिचार, झूठ इन पांचों का त्याग करना चाहिए तथा गुरु के बताए मार्ग को जीवन में अपनाना चाहिए तभी मनुष्य का जीवन सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मेहंदी के पत्ते देखने में हर लगते हैं तथा जब उन्हें पीसा जाता है तो लाली आ जाती है। इस प्रकार ईश्वर सर्वत्र विद्यमान है जब हम इनका ध्यान अंतरात्मा से करते हैं तथा इनमें लीन हो जाते हैं।...
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