नई दिल्ली, फरवरी 17 -- बॉलीवुड की 1965 में आई फिल्म 'वक्त' में आशा भोंसले का गाया गाना "आगे भी जाने ना तू, पीछे भी जाने ना तू, जो भी है बस यही एक पल है" समय की अनिश्चितता को दर्शाता है कि जिंदगी कभी भी बदल सकती है, भविष्य अनजान है और अतीत को बदला नहीं जा सकता है, लेकिन ईशान किशन के लिए ये शब्द एक अलग मायने रखते हैं। यह शायद किशन का पसंदीदा गाना नहीं हो, लेकिन इन पंक्तियों का भाव उनके करियर की कहानी से मिलता है। पटना के 27 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने उस दौर से वापसी की जब भारतीय क्रिकेट जगत उनसे उम्मीद छोड़ने लगा था। ऋषभ पंत टी20 विश्व कप विजेता टीम में वापसी कर चुके थे, ध्रुव जुरेल प्रभावी प्रदर्शन कर रहे थे, संजू सैमसन हमेशा की तरह दावेदार थे और जितेश शर्मा भी अपनी उपयोगिता साबित कर रहे थे। ऐसे में चयन क्रम में पांचवें स्थान पर खड़े ईशा...
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