कानपुर, सितम्बर 11 -- कानपुर। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने को देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन, इनके व्यापक इस्तेमाल के लिए चार्जिंग ढांचे के साथ बिजली ग्रिड को भी तैयार करना जरूरी होगा। स्मार्ट चार्जिंग, पीक डिमांड प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण और व्हीकल-टू-ग्रिड (वी2जी) जैसी तकनीकों को बढ़ावा देकर ही देश में टिकाऊ और भरोसेमंद ईवी व्यवस्था विकसित की जा सकती है। यह बात विश्व ईवी दिवस के मौके पर आईआईटी कानपुर में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कही। आईआईटी ने राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) की मदद से संचालित ग्रिड की तैयारी: सहायक उपाय और तकनीकी विकास परियोजना के तहत कार्यक्रम आयोजित किया। इसका विषय 'भारत के लिए टिकाऊ और ग्रिड-रेडी ईवी इकोसिस्टम का निर्माण' रहा। कार्यक्रम का समन्वय ...