नई दिल्ली, जून 19 -- Strait of Hornuz: अमेरिका-ईरान के बीच समझौता होना भारत के लिए काफी अहम है। खासकर भारत की ऊर्जा जरूरत के हिसाब से यह समझौता काफी राहत देगा क्योंकि होर्मुज से पोत का आवागमन सामान्य होगा तो उससे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी आएगी। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर अरुण कुमार का कहना है कि संभावना है कि अगले तीन महीने के अंदर भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी आएगी। इससे घरेलू उद्योग पर महंगे पेट्रोलियम उत्पादों का दबाव कम होग जिसका असर भारत के घरेलू विनिर्माण की कीमतों पर भी सुधार के तौर पर दिखाई देगा। पूर्व प्रोफेसर अरुण कुमार ने कहा कि उत्पादन लागत में कमी आएगी। इसके साथ ही उर्वरक आयत में भी सुधार होगा। आपको बता दें कि अमेरिका- ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर होते ही समुद्री मार...