नई दिल्ली, मार्च 8 -- सुहेल वहीद, वरिष्ठ पत्रकार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोसी मुल्कों पर हमले के लिए खेद जताने के साथ-साथ यह भी कहा कि हमने सिर्फ अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाया और हम उन पर तब तक हमले नहीं करेंगे, जब तक उनकी जमीन से हम पर हमला नहीं होता। ऐसे बयानों के जरिये पैगाम दिया जाता है। पड़ोसी मुल्कों में मौजूद अमेरिकी फौजियों के ठिकाने पर हमले बदस्तूर जारी हैं। अमेरिका से ईरान की दुश्मनी का इतिहास पुराना है। पिछली सदी के पचास के दशक में भी ईरान के सत्ता-परिवर्तन में अमेरिका की बड़ी भूमिका थी। फिर, 1979 में इस्लामी क्रांति के दौरान तेहरान में अमेरिकी दूतावास के 52 लोगों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। इराक से जंग में सद्दाम हुसैन को ठिकाने लगाने के लिए अमेरिका ने भले ईरान का साथ दिया हो, पर ईरान हमेशा अमेरिका-व...
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