नई दिल्ली, मार्च 27 -- पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। कच्चे तेल की कम होती सप्लाई और बढ़ते दामों का बोझ आम आदमी के ऊपर आना तय माना जा रहा था। ऐसे समय में केंद्र सरकार जनता के दर्द को कम करते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को 10 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से कम कर दिया है। पश्चिम एशिया के दर्द से जनता को बचाने के लिए सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का असर राजस्व पर पड़ना तय है। सीबीआईटीसी मुताबिक इस फैसले की वजह से सरकार को अगले 15 दिनों में 7 हजार करोड़ का नुकसान होगा। पेट्रोल और डीजल के ऊपर से उत्पाद टैक्स हटाने का यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कल देर रात हुई ब...