नई दिल्ली, मार्च 14 -- ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु और उसके बाद शुरू हुए अमेरिका-इसराइल-ईरान युद्ध ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में गहरा आर्थिक संकट पैदा कर दिया है। पेट्रोल की कीमत तो 55 रुपये तक बढ़ गई है। इसके साथ ही गिलगित-बाल्टिस्तान में पेट्रोल की कीमतें 321 प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं। इसकी वजह से माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है, जिससे आटा, चीनी और सब्जियों जैसी बुनियादी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता इंकलाबी के अनुसार, यह गरीब और मध्यम वर्ग के लिए "आर्थिक मौत" के समान है। तेल की भारी किल्लत और बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने 'वॉर ऑस्टेरिटी प्लान' लागू किया है। पूरे पाकिस्तान सहित गिलगित-बाल्टिस्तान में स्कूलों को दो सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है। शिक्षा को ऑनलाइन मोड ...