नई दिल्ली, मार्च 27 -- ईरान में जारी युद्ध ने पूरी दुनिया को एक गहरे ऊर्जा संकट में धकेल दिया है। इस तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है। महज एक महीने के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से उछलकर सीधे 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं। इस युद्ध के कारण दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका से लेकर यूरोप और अमेरिका तक ईंधन की भारी किल्लत और बेतहाशा महंगाई देखने को मिल रही है, जिससे वैश्विक बाजारों में दहशत का माहौल है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे में कोरोना काल की तरह लॉकडाउन लगने जैसी अफवाहों ने जोर पकड़ लिया। हालांकि भारत सरकार ने इस पर साफ स्पष्टीकरण जारी किया है। वैश्विक स्तर पर मचे इस हाहाकार और कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं के बीच, भारत में भी यह अफवाह तेजी से ...
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