तेहरान, जनवरी 15 -- ईरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई का शासन पहली बार अंदर और बाहर से इतने दबाव में है। एक तरफ देश में प्रदर्शन चल रहे हैं तो वहीं अमेरिका की ओर से लगातार सैन्य हस्तक्षेप की धमकियां दी जा रही हैं। बीते करीब 4 दशकों से देश से बाहर रह रहे विपक्षी नेता रजा पहलवी भी ऐक्टिव हो गए हैं और उनका कहना है कि वह जल्दी ही ईरान लौट सकते हैं। ऐसे हालात में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें काफी ज्यादा हैं। इस बीच जानकारों का कहना है कि यदि ईरान में सरकार बदलती है तो इससे भारत को ही झटका लगेगा। वहीं चीन और पाकिस्तान जैसे मुल्कों को इसका कुछ फायदा हो सकता है। आइए जानते हैं, ऐसा क्यों... पहली वजह यह है कि जब पाकिस्तान जमीनी रास्ते के जरिए पश्चिम एशिया पहुंचने की भारत की कोशिशों के आड़े आता है तो उसमें ईरान एक मददगार के रूप में दिखता है। सालों से ईर...
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