हरिद्वार, मार्च 25 -- रिजवान अहमद। हरिद्वार। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच दवा उद्योगों में कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो गई है। इससे अधिकांश दवाओं के उत्पादन में उपयोग होने वाले कच्चे माल के दाम 29 से 203 फीसदी तक बढ़ गए है। साथ ही उच्च रक्तचाप, सीने में दर्द, हृदय गति, माइग्रेन आदि की दवा में उपयोग होने वाला प्रोप्रानोलोल उद्योगों को मिल नहीं रहा है। वहीं, दवा की पैकेजिंग के लिए जरूरी प्लास्टिक और एल्युमीनियम फॉयल के दाम में भी इजाफा हुआ है।खाड़ी में युद्ध का असर दवा में उपयोग होने वाले कच्चे माल के आयात पर पड़ा है। खाड़ी में जारी संघर्ष की वजह से समुद्री मार्ग प्रभावित है। कंटेनर जहाजों की कमी के चलते कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। दाम बढ़ने के बाद उद्योगों में दवा उत्पादन की लागत बढ़ गई है। कच्चा माल महंगा होने से दवा ...