अंबेडकर नगर, मार्च 9 -- दुलहूपुर, संवाददाता। ईरान में बिगड़े हालात के बीच फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर परिजनों की चिंता अब दोहरी हो गई है। पहले जहां उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा की फिक्र सताए जा रही थी, वहीं अब वतन वापसी के लिए आने वाले भारी खर्च ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान की स्थिति तनावपूर्ण हो गई है, जिसके चलते वहां से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिलहाल संचालित नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए आर्मेनिया के रास्ते भारत लाने की योजना बनाई है। योजना के तहत छात्रों को पहले सड़क मार्ग से पड़ोसी देश आर्मेनिया ले जाया जाएगा और वहां से विमान के जरिए भारत भेजा जाएगा, लेकिन इस पूरी यात्रा का खर्च छात्रों को स्वयं वहन करने के लिए ...