नई दिल्ली, मार्च 13 -- शौविक दासनई दिल्ली। भारत के तेजी से बढ़ते मोबाइल फोन निर्यात पर पश्चिम एशिया संघर्ष का खतरा मंडराने लगा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में की पहली छमाही में लगभग 11 सौ करोड़ डॉलर का राजस्व देने वाले इस सेक्टर को लगभग दो सौ से तीन सौ करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनियां खाड़ी देशों में बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन निर्यात करती हैं। ऐसे में उन्हें व्यापार और मांग में कमी का सामना करना पड़ सकता है।ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषक सुवोदीप रक्षित और स्वरूपजीत पालित ने छह मार्च को निवेशकों को भेजे एक नोट में लिखा है कि इस संघर्ष के कारण मोबाइल फोन सर्वाधिक प्रभावित होने वाली शीर्ष पांच वस्तुओं में से एक है। वाणिज्य मंत्रालय के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.