नई दिल्ली, जून 22 -- ईरान और अमेरिका में जारी जंग के बीच शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि वह अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए दो हफ्ते में अपनी गलती सुधार ले और बातचीत की टेबल पर आ जाए। ईरान की तरफ से अमेरिका की जगह यूरोपीय संघ से बातचीत की जा रही थी। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर पिछले दो दिनों में ऐसा क्या हुआ कि ईरान को दो हफ्तों का समय देने वाले ट्रंप ने दो दिनों के अंदर ही तेहरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी कर दी। ईरान के ऊपर किए गए अमेरिका ऐक्शन को लेकर एक्सियोस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्किए के राष्ट्रपति एद्रोगान की तरफ से दिए गए प्रस्ताव को लेकर ट्रंप ईरान में जमीनी सेना भेजने का फैसला करने से पहले अमेरिका और ईरानी अधिकारियों के बीच में बातचीत के विकल्प पर व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.