बागपत, मार्च 23 -- बागपत। ईरान- इजरायल और अमेरिका युद्ध की अशांति ने कागज के दाम बढ़ा दिए हैं। विभिन्न किस्मों पर दस से पंद्रह फीसदी तक की वृद्धि हो चुकी है। सिलसिला अभी जारी है। कागज के विक्रेताओं ने आगाह किया है कि इस वृद्धि का असर बच्चों की कॉपी, किताब और रजिस्टर पर तो पड़ेगा ही। उद्योगों में प्रयोग हो रही विभिन्न प्रकार की पैकिंग के भी दाम बढ़ जाएंगे। कारोबारियों ने बताया कि कागज की महंगाई की मूल वजह कच्चा माल है। खाड़ी में उत्पन्न हुए संकट के कारण विदेशों से आने वाले कबाड़ कागज की आमद में बड़ा फर्क आया है। इस कबाड़ का बड़े पैमाने पर कागज उत्पादन में प्रयोग किया जाता है। विभिन्न कारणों से देशीय रद्दी की आमद भी प्रभावित चल रही है। ऐसे हालात में पेपर मिलों के लिए अपना उत्पादन पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा है। हाल में रुपये के सापेक्ष डॉलर की मजबू...