नई दिल्ली, मार्च 9 -- पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने सोमवार को संसद में भारत सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने सभी पक्षों से तनाव कम करने और संयम बरतने की अपील की। इसके साथ ही जोर दिया कि सरकार का मुख्य ध्यान इस क्षेत्र में रहने वाले लगभग 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार को निर्बाध बनाए रखने पर है। इसके साथ ही जयशंकर ने पिछले दिनों हिंद महासागर में डुबोए गए आईआरआईएस डेना को लेकर भी भारत की स्थिति साफ की। संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच विदेश मंत्री ने उन तीन ईरानी युद्धपोतों का भी जिक्र किया जो पिछले महीने भारत द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और बहुराष्ट्रीय अभ्यास के कारण क्षेत्रीय जलक्षेत्र में थे। उन्होंने कहा, "ईरान ने 28 फरवरी को अपने तीन जहाजों को हमारे बंदरगाहों पर आने की अनुमति मा...
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