उन्नाव, फरवरी 16 -- उन्नाव। इन दिनों युवाओं की उंगलियां स्मार्टफोन की स्क्रीन पर थिरक रही हैं और कानों में ईयरबड्स गूंज रहे हैं। तेज धुनों में खोई युवा पीढ़ी की यह मस्ती उनकी श्रवण क्षमता को चुपचाप नुकसान पहुंचा रही है। यही कारण है कि जिला अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में कम सुनाई देने की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। इनमें अधिकांश मरीज युवा वर्ग से हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ईयरबड्स पर तेज आवाज में संगीत सुनने की आदत इसका मुख्य कारण है। समय रहते सावधानी न बरती गई तो स्थायी बहरापन हो सकता है। कोविड के बाद स्मार्टफोन और ईयरबड्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं और मनोरंजन ने इस प्रवृत्ति को और बढ़ावा दिया। स्थिति यह है कि घर-घर में युवा ईयरफोन लगाकर मोबाइल चलाते नजर आते हैं। अब जिम, बस या सड़क पर चलते समय भी युवा कानों में ईय...