बस्ती, मार्च 3 -- बस्ती, वरिष्ठ संवाददाता। कम सुनाई देने की समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। युवाओं में अचानक सुनने की क्षमता कम होने यानी 'सडेन हियरिंग लॉस' के मामले अब तेजी से पैर पसार रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सामान्य उम्रजनित बहरेपन से कहीं अधिक गंभीर है, जिसमें यदि समय रहते उपचार न मिले तो व्यक्ति स्थायी रूप से अपनी सुनने की शक्ति खो सकता है। नाक-कान-गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष पांडेय ने इस गंभीर स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक एक या दोनों कानों से कम सुनाई देने लगे, कान में भारीपन महसूस हो, सीटी जैसी आवाजें (टिनिटस) आएं या चक्कर महसूस हो, तो इसे कतई नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में शुरुआती 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और तत्काल विशेषज्ञ से प...