मेरठ, मार्च 22 -- मेरठ जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत के साथ मनाया गया। मगर इस बार जश्न पर वैश्विक युद्ध और मानवीय हिंसा का साया साफ तौर पर दिखाई दिया। शाही ईदगाह से लेकर मनसबिया तक बड़ी संख्या में नमाजी ईरान और अन्य युद्धग्रस्त क्षेत्रों में हो रही हिंसा के विरोध में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। इस वर्ष शिया समुदाय के लोगों ने ईद के उल्लास को सादगी में बदलते हुए अमेरिका और इजरायल की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। अली मिशन सोसाइटी के संयोजक अली हैदर रिजवी ने बताया कि जंग में बेगुनाहों के साथ हो रही मानवीय हिंसा के विरोध में शिया मुसलमानों ने काले कपड़े पहनकर और बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। उनका कहना था कि जब दुनिया के एक हिस्से में मासूमों का खून बह रहा हो, तब पूर्ण हर्षोल्लास मनाना संभव नहीं है।उधर, शहर की मुख्य...
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