मेरठ, मार्च 19 -- मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी ने कहा कि जब अल्लाह का नेक बंदा रमज़ान के महीने में अल्लाह के फरमान पर अमल करता है और उसके बताए हुए रास्ते पर चलता है। उस रब की इबादत करता है। उस रब के बंदो से मोहब्बत करता है, तो अल्लाह ऐसे नेक बंदों को जिन्होंने रमज़ान के महीने में रोज़ा रखकर अल्लाह को राज़ी किया। ऐसे नेक बंदों के लिए अल्लाह की तरफ से ईद एक खास तोहफा है। ईद खुशियों का दिन है। एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देने का दिन है। आपसी गिले-शिकवे मिटाने का दिन है। आपसी नफरत को खत्म करके मोहब्बत को दिलों में बसाने का दिन है। इसलिए जब अल्लाह का बंदा ईद की नमाज़ पढ़ने जाए तो जाने से पहले अगर कोई व्यक्ति (आदमी) उससे नाराज़ है तो उसको राज़ी कर ले और अपने गिले-शिकवे दूर कर ले।ईद की नमाज़ पढ़ने के लिए दिल को पाक साफ करके जाए...
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