चित्रकूट, दिसम्बर 29 -- चित्रकूट, संवाददाता।कोषागार घोटाले की जांच में ईडी की इंट्री के बाद घपलेबाज विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही दलालों और पेंशनरों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। मनी लांड्रिंग की संभावना पर ईडी ने दस्तावेजों के जरिए छानबीन शुरु भी कर चुकी है। ईडी की ओर से मांगने पर कोषागार में शुरुआत से लेकर अब तक तैनात रहे मुख्य कोषाधिकारी से लेकर पटल सहायकों तक की संपत्ति का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराया गया है। वर्ष 2018 से सितंबर 2025 तक 93 पेंशनरों के खातों में अनियमित तरीके से भुगतान कर हुए 43 करोड़ 13 लाख के गबन की जांच में ईडी की इंट्री पिछले करीब डेढ़ सप्ताह पहले हो गई थी। शुरुआत में ईडी ने कोषागार से सभी पेंशनरों, पटल सहायकों, दलालों आदि के संबंध में दस्तावेज मांगे थे। इन दस्तावेजों को खंगालने के बाद ईडी ने कुछ और अभिलेख मांगे।...