कुशीनगर, मार्च 31 -- कुशीनगर। सुकरौली क्षेत्र के ईंट भठ्ठों पर तेजी से बढ़ रही मजदूरों की किल्लत से ईट भट्ठा संचालकों के सामने संकट आ गया है। मजदूरों की किल्लत से अधिकतर ईट भट्ठे बंदी के कगार पर हैं। विकल्प के तौर पर क्षेत्र के कुछ ईट भट्ठे आधुनिक मशीनों से ईट निर्माण शुरु कर दिये हैं। भवन निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि मशीन से निर्मित ईंट की साइज व मोटाई का लेवल समतल होने के चलते ईंट मजबूत व टिकाऊ होते हैं।सुकरौली क्षेत्र में लगभग दो दर्जन ईट भट्ठा हैं। वर्तमान समय में इन ईट भट्ठों पर ईंट निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं वर्तमान समय में कृषि कार्य जैसे, सरसो, मटर, गेहूं की फसल का कटाई व मड़ाई कार्य भी तेजी से चल रहा है, जिसका परिणाम है कि ईट भट्ठों पर मजदूरों की कमी हो गयी है। इसके विकल्प में ईट भट्ठा संचालक आधुनिक मशीनों ...