मुरादाबाद, दिसम्बर 29 -- कुंदरकी क्षेत्र के मैसर्स ब्रिक फील्ड में नेशनल एकेडमी फॉर सोशल मूवमेंट और नागरिक एकता परिषद की पहल से ''मजदूर पाठशाला'' का आयोजन हुआ,जिसमें असंगठित ईंट भट्टा मजदूरों को उनके अधिकारों, पहचान दस्तावेजों, श्रम पंजीकरण और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। सोमवार को हुए कार्यक्रम में ह्यूमन राइट्स डिफेंडर प्रेम कुमार ने ठेकेदारों द्वारा शोषण, ऋण बंधन, न्यूनतम वेतन उल्लंघन और दुर्घटना मुआवजे की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने आधार कार्ड व श्रम कार्ड की जरूरत पर बल दिया, ताकि मजदूर बोनस, ग्रेच्युटी जैसे लाभ पा सकें।कहा कि भारत में करीब 1.5 लाख ईंट भट्टों पर 2.3 करोड़ से अधिक मजदूर काम करते हैं, जिनमें ज्यादातर असंगठित हैं और बंधुआ मजदूरी जैसी स्थितियों का सामना करते हैं। कार्यक्रम में ईश्रम पोर्टल पर फोकस रहा, जो बीमा व प...