रांची, मई 21 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड का सारंडा भाकपा माओवादी संगठन के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो का मुख्यालय रहा था। लेकिन 2021 में प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद सारंडा के नक्सलियों का संपर्क बाहरी माओवादियों से टूटने लगा था। इसके बाद सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर व चाईबासा पुलिस के लगातार व टारगेट बेस्ड अभियान ने माओवादियों को लगातार कमजोर किया। 2026 में लगातार संचालित अभियान के फलस्वरूप अबतक कुल 44 नक्सलियों को गिरफ्तारी की गई, कुल 29 नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया, पुलिस मुठभेड़ में कुल 22 नक्सली मारे गए हैं। चाईबासा में ही नक्सल गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्र खासकर सारंडा क्षेत्र में कुल 21 नए एडवांस कैंप एवं फारवर्ड ऑपरेशन बेस स्थापित किए गए। जिन इलाकों में माओवादी खत्म होते गए, वहां कैं...