नई दिल्ली, मई 18 -- भारत सरकार एक बार फिर IDBI बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी में है। लंबे समय से अटकी इस डील को आगे बढ़ाने के लिए अब सरकार कई नए विकल्पों पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि संभावित खरीदारों की रुचि बढ़ाने के लिए रिजर्व प्राइस में करीब 20% तक कटौती की जा सकती है। इससे पहले मार्च 2026 में बोली प्रक्रिया रोक दी गई थी, क्योंकि खरीदारों द्वारा लगाए गए दाम सरकार की उम्मीद से काफी कम थे। अब सरकार चाहती है कि किसी तरह यह बड़ी डील सफल हो जाए, क्योंकि यह देश के बैंकिंग सेक्टर की सबसे बड़ी विनिवेश योजनाओं में से एक मानी जा रही है। यह भी पढ़ें- सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! 8वें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन पर आया अपडेट दरअसल, IDBI बैंक में सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 95% है। दोनों मिलकर 60.7% ह...