जमशेदपुर, जनवरी 1 -- टाटा स्टील की हॉर्टिकल्चर सोसाइटी के फ्लावर शो की साल भर का इंतजार सालभर रहता है। इस बार भी गोपाल मैदान रंगारंग फूलों से सजकर अपनी खूबसूरती बिखेर रहा है। इसे देखने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इस बार के फ्लावर शो की थीम है, टोपयरी। पर आश्चर्यजनक ढंग से इस श्रेणी की एक भी शोपीस देखने को नहीं मिल रही है। फ्लोरिकल्चर विशेषज्ञों के अनुसार टोपयरी खास झाड़ियों से बनाई गई आकृति को कहते हैं। इसे तरह-तरह का आकार दिया जाता है। जैसे जानवर या कलाकृति। इसे तैयार करने के लिए काफी पहले से काम करना पड़ता है। इसके लिए तार की जाली बनाई जाती है और झाड़ी उसी के भीतर फलती-फूलती है। जब आकृति तैयार हो जाती है तो उसके बाहरी हिस्से की कटाई कर बिल्कुल हू-ब-हू वैसा ही बना दिया जाता है। इस मामले में जानकार बताते हैं कि...
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