नई दिल्ली, जुलाई 11 -- हिंदी सिनेमा में कई ऐसे गीतकार-शायर हुए जिन्होंने अपने लिखे गीतों से क्रांति की शुरुआत की। कईयों की कलम से देशभक्ति, किसानों, सामाज की बुराइयों के खिलाफ गीत निकले तो कुछ ने नेताओं पर निशाना साधा था। इनमें से कुछ विवादों में छाए रहे। एक ऐसे गीतकार भी हुए जिनकी लिखी कविता ने उस दौर के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू तक को ठेस पहुंचा दी थी। जब माफी नहीं मांगी तो उन्हें जेल भेज दिया गया था। वो गीतकार, शायर थे मजरूह सुल्तानपुरी।मजरूह सुल्तानपुरी को अपनी कविता के लिए भेज दिया गया था जेल असरार उल हसन खान के नाम से 1919 में जन्में शायर मजरूह सुल्तानपुरी की पढ़ाई मदरसे में हुई। यहीं से उन्होंने उर्दू पर अपनी पकड़ जमाई।अरबी और फारसी भी सीखी। इसी दौरान कई मुशायरों में मजरूह सुल्तानपुरी कविता, शायरी पढ़ते और उनकी खूब तारीफ होती।...