इस गाने को गाते हुए फूट-फूटकर रोने लगे थे मोहम्मद रफी, हर सिसिक को सुन लोगों के भी निकल गए थे आंसू
नई दिल्ली, जून 11 -- मोहम्मद रफी उन सिंगर में से एक थे जिनके पास हर संगीतकार गाने के लिए जाता था। यहां तक कि जब बड़े दिग्गज भी किसी गाने को लेकर झिझकते थे तब मोहम्मद रफी अपनी आवाज में गाकर उस गाने को अमर कर देते थे। लेकिन एक ऐसा गाना था जिसे गाने से मोहम्मद रफी ने पहले मना कर दिया था।किस गाने को लेकर घबरा गए थे मोहम्मद रफी दरअसल, मोहम्मद रफी के पास फिल्म लाल किला की एक गजल लाई गई जिसके बोल थे ना किसी के आंख का नूर हूं। उन्हें बताया गया कि ये कोई आम गजल नहीं है बल्कि भारत के आखिरी मुघल बादशाह बहादुर शाह जफर का वो दर्द है जो उन्होंने अपने बच्चों को कत्ल और रंगून के जेल में तड़पते हुए लिखा था। यह भी पढ़ें- इस गाने की शूटिंग में एक-दूसरे की आंखों में खोए थे धर्मेंद्र-राखी, फिर जो हुआ..इस वजह से हो गए थे परेशान रफी साहब इस बात को सुनकर घबरा गए...
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