नई दिल्ली, अगस्त 13 -- दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कैश कांड में फंसे जस्टिस वर्मा पर लगे आरोपों को संसद की समिति ने सही पाया है। हाईकोर्ट के जज जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता में बनी जांच समिति की रिपोर्ट बुधवार को संसद के दोनों सदनों में पेश की गई। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जस्टिस वर्मा अपने सरकारी आवास से मिले अधजले नौटंकी गड्डियों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अब खबर है कि उनके खिलाफ संसद के शीतकालीन सत्र में महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है। ऐसे में यह सवाल भी है कि जस्टिस वर्मा अगर अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं तो क्या फिर भी उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जा सकता है? इस सवाल का जवाब है हां। सरकारी सूत्रों के मुताबिक जस्टिस यशवंत वर्मा भले ही इस साल अप्रैल में पद से इस्तीफा द...