कानपुर, मार्च 3 -- कानपुर। इस्कॉन मंदिर में मंगलवार को भक्ति श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ श्री चैतन्य महाप्रभु का प्राकट्य उत्सव 'गौर पूर्णिमा' भव्य रूप से मनाया गया। इस्कॉन मंदिर के पुजारियों ने बताया कि लगभग 540 वर्ष पूर्व 1486 ई. में महाप्रभु प्राकट्य के समय भी चंद्रग्रहण था। वहीं काल संयोग बनने से श्रद्धालुओं में उत्साह दिखा। इस्कॉन मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने मंगल आरती एवं दर्शन आरती में भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर प्रांगण को पुष्पों, रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया था। श्री राधा माधव, जानकी वल्लभ, लक्ष्मण हनुमान व श्री निताई गौर सुंदर का अत्यंत सुंदरश श्रृंगार किया। चांदी के कलशों से पंचगव्य एवं अन्य पवित्र द्रव्यों द्वारा भव्य महाभिषेक संपन्न हुआ। भक्त...