नई दिल्ली, मई 21 -- आसिफ आजमी, चेयरमैन, द पेन फाउंडेशन सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर बहस एक बार फिर पुरगर्म हो चली है। कुछ मुसलमान तर्क दे रहे हैं कि सड़क रोककर कांवड़ यात्राएं चलती हैं, वह भी फुल डीजे के साथ; जगराते सड़कों पर आयोजित होते हैं, उनसे भी कई नियम टूटते हैं, परंतु पुलिस उन पर कृपा बरसाती है। अन्य धर्मों की शोभा-यात्राएं भी सामान्य बात है, जिनके चलते घंटों ट्रैफिक रुका रहता है। ऐसे में, चंद मिनटों के लिए हम नमाज क्यों नहीं पढ़ सकते? सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकते, क्योंकि इस्लामी शिक्षा में चालू रास्ते पर नमाज का न कोई औचित्य है और न ही इसमें पुण्य है। यह इस्लामी इबादत व सामाजिक मूल्यों- अखलाक और हुकूल-उल-इबाद, दोनों के विरुद्ध है। रास्ते रोकना इस्लाम में मना है। जिनके बताए अनुसार नमाज पढ़ी जाती है, यानी पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैह...