नई दिल्ली, फरवरी 23 -- देश में मेडिकल शिक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा पक्ष रखा है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि नीट पीजी का कटऑफ कम करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि डॉक्टरों का स्तर गिराया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह परीक्षा किसी छात्र की डॉक्टर बनने की योग्यता तय करने के लिए नहीं होती, बल्कि इसका उद्देश्य केवल स्नातकोत्तर यानी MD और MS जैसी सीमित सीटों के लिए छात्रों की आपसी रैंकिंग तय करना होता है।डॉक्टर बनने की असली परीक्षा MBBS में ही हो जाती है: सरकार सरकार ने अदालत को बताया कि NEET-PG यह जांचने के लिए नहीं है कि कोई व्यक्ति डॉक्टर बनने लायक है या नहीं। यह योग्यता पहले ही उस समय तय हो जाती है जब छात्र MBBS पूरा करता है। एमबीबीएस के दौरान छात्र साढ़े चार साल की पढ़ाई और एक साल की अन...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.