प्रयागराज, सितम्बर 6 -- प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ भवन परिसर में चाय की एक छोटी-सी दुकान है, लेकिन यहां मिलने वाली चाय का स्वाद सिर्फ अदरक, इलायची या दूध से नहीं बनता। इसमें पांच दशक पुराने रिश्तों की मिठास भी घुली है। दुकान चलाने वाली ऊषा गुप्ता को विश्वविद्यालय का हर छात्र और शिक्षक 'भौजी' के नाम से जानता है। उनके लिए दुकान पर आने वाला कोई ग्राहक नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य है। यही वजह है कि किसी से चाय के पैसे लेना हो या नहीं, यह उसकी हैसियत देखकर नहीं, रिश्ते देखकर तय होता है। करीब पांच दशक से भौजी छात्र संघ भवन परिसर में चाय की दुकान चला रही हैं। इस दौरान विश्वविद्यालय की कई पीढ़ियां उनकी दुकान से होकर गुजरी हैं। कभी चाय के लिए जेब में पैसे नहीं होते थे तो उन्होंने छात्रों को मुफ्त में चाय पिला दी। कोई पुराना परिच...