इल्म-ओ-दीन हासिल कर छात्राएं निभाएं विशेष भूमिका: कारी अब्दुल्लाह
सहारनपुर, अप्रैल 26 -- देवबंद, संवाददाता। लड़कियों के इस्लामी तालीम के मदरसा माहद आयशा सिद्दीका कासिम उलूम लिल बनात में रविवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं को हदीस का अंतिम पाठ पढ़ाते हुए कुरआन हिफ्ज सहित अन्य कोर्स में शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। ईदगाह रोड स्थित आयोजित कार्यक्रम का आगाज शीरीन मंज़ा की तिलावत-ए-कुरआन और इकरा रब्बान की नात-ए-पाक से हुआ। इस दौरान दारुल उलूम के पूर्व सदरुल कुर्रा कारी अब्दुल्लाह सलीम ने हदीस की सबसे बड़ी पुस्तक बुखारी शरीफ का आखरी पाठ विस्तार पूर्वक पढ़ाया। उन्होंने कहा कि इमाम बुखारी ने अपनी किताब के अंत में यही संदेश दिया है कि ईमान और अकीदे के बाद इंसान के कर्म और वचन ही कयामत के दिन तौले जाएंगे। यह भी पढ़ें- नौरंगाबाद में इस्लामी बहनों के लिए दर्स-ए-कुर...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.