बलरामपुर, मई 14 -- विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी और सोने की बढ़ती कीमतों का असर केवल सराफा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। इलेक्ट्रिक कारों के कंट्रोल यूनिट, इंफोटेनमेंट सिस्टम और बैटरी प्रबंधन प्रणाली में चांदी का उपयोग किया जाता है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। इसके अलावा जीपीएस सिस्टम, डिजिटल कैलकुलेटर, स्विचिंग डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में भी चांदी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। व्यापारियों का कहना है कि आयात लागत और कच्चे माल के दाम बढ़ने से आने वाले समय में डिजिटल उपकरण महंगे हो सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक व्यापारियों की मानें तो अभी कंपनियों ने कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं किया है, लेकिन नए स्टॉक आने के बाद बाजार में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है। यह भी पढ़ें- सोना-चांदी महंगी होने से सोलर और इलेक्ट...