विधि संवाददाता, जुलाई 1 -- यूपी के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी की आय कम है तो पति उसे भरण-पोषण देगा। शिक्षित पत्नी की मदद उसके मायके, माता-पिता द्वारा की जा रही है तब भी पति उसे गुजारा-भत्ता देगा। कोर्ट ने कहा, माता-पिता की पेंशन या संपत्ति को पत्नी की स्वतंत्र आय नहीं माना जा सकता और इससे पति का कानूनी दायित्व समाप्त नहीं होता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक निर्णय में कहा है कि पत्नी के माता-पिता की पेंशन या संपत्ति को पत्नी की स्वतंत्र आय के रूप में नहीं माना जा सकता और इससे पत्नी का भरण-पोषण करने का पति का कानूनी दायित्व समाप्त नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि जब इस बात का कोई सबूत नहीं है कि पत्नी वास्तव में पर्याप्त आय अर्जित कर रही है तो केवल इस तथ्य से कि पत्नी शिक्षित है, उसे भरण-पोषण का दावा करने से वंचित नहीं किया जा सकता। यह भी प...