नई दिल्ली, मार्च 23 -- विभूति नारायण राय,पूर्व कुलपति व साहित्यकार लोकतंत्र कई स्तरों पर हमारी परीक्षा लेता है। सबसे मुश्किल होता है, अपने घर में लोकतंत्र कायम करना। लोकतंत्र की सबसे बुनियादी शर्त समता और स्वतंत्रता होती है। अक्सर पूरी दुनिया में लोकतंत्र की कामना करने वाले अपनी चौहद्दी में ही उसका प्रवेश न हो सके, इसके लिए प्राणपण से प्रयास करते हैं। आज जब मैं साहित्य अकादेमी के इस साल के पुरस्कारों पर लिखने बैठा हूं, तो मुझे एक ऐसे ही परिवार की याद आ रही है, जिससे मेरा संपर्क 1980 के दशक में इलाहाबाद में हुआ था। पुराने शहर की एक गली रानी मंडी में मुकीम इस परिवार का घर उस लोकतंत्र का अद्भुत नमूना था, जिसका मैंने ऊपर जिक्र किया है। एक पुरानी बेतरतीब, जरूरत के मुताबिक भिन्न आकारों के कमरों वाली इस तीन मंजिला इमारत के बड़े हिस्से में एक प्र...