मुरादाबाद, अप्रैल 20 -- राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। जिसमें जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. भास्कर अग्रवाल बताया कि यदि आरंभिक लक्षणों में ही जांच से कुष्ठ रोग की पुष्टि हो जाए तो इलाज शुरू कर देने से इसका असर आंखों व शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाने की संभावना बहुत कम हो जाती है। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. मुक्ता अग्रवाल ने कहा कि कुष्ठ रोग इससे पीड़ित मरीज के साथ बैठने से नहीं फैलता। डॉ. गिरजा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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