कानपुर, अगस्त 19 -- लापरवाहि से इलाज के एक मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इलाज में खर्च और सात लाख रुपये हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। साथ ही 20 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा। डेढ़ माह में भुगतान नहीं किया गया तो आठ फीसद ब्याज भी देना होगा।

मुकदमा दाखिल करने की प्रक्रिया फीलखाना के इटावा बाजार निवासी इंद्र स्वरूप अवस्थी ने 25 जनवरी 2017 को जिला उपभोक्ता विवाद आयोग में मुकदमा दाखिल किया था। इसमें उन्होंने नसीमाबाद निवासी डा. जोगिंदर सिंह, जौली नर्सिग होम की यूनिट जौलीस हास्पिटल्स, जौली नर्सिंग होम के निदेशकों में शामिल डा. जोगिंदर सिंह की पत्नी चांदनी सिंह, बेटे युवराज व यशराज सिंह, शकुंतला देवी, डा. सुनील कुमार सोनी और ज्ञान पैथालाजी के डा. अरुण कुमार को पक्षकार बनाया था।

इलाज का विवरण बतौर आरोप जांच में पता चला कि...