गंगापार, जून 5 -- किसानों को धान की नर्सरी डालने को पानी की सख्त जरुरत है लेकिन इलाके की नहरों में पानी की जगह धूल उड़ रही है। पानी के अभाव में किसानों की नर्सरी पिछड़ रही है। जिसका असर धान की रोपाई पर पड़ेगा, रोपाई पिछड़ने से फसल का उत्पादन प्रभावित होगा। किसानों को नहर से पानी पाने के लिए कम से कम एक पखवारे तक इंतजार करना होगा। क्षेत्र की प्रमुख कमला पम्प नहर से निकली करछना रजबाहा समेत कई नहरों में मई से ही पानी नहीं आ रहा है।धान की नर्सरी डालने के समय सभी माइनरे भी सूखी हैं। इलाके के अधिकांश किसानों की खेती नहर के पानी पर ही आश्रित है। यह भी पढ़ें- खजुरिया नहर शाखा में पानी बंद, सिंचाई और धान की नर्सरी पर संकट ऐसे में किसानों को धान की नर्सरी डालने को पानी की सख्त जरूरत है। लेकिन इलाके की सभी नहरों में पानी के बजाय धूल उड़ रही है जिससे...